Select Date:

भारत को जवाब देने चले पाकिस्तान को लगा 500 अरब का झटका, PoK में 'नीलम-झेलम' प्रोजेक्ट बर्बाद!

Updated on 13-07-2026 04:44 PM
पाकिस्तान सिंधु जल संधि को रोकने और पानी संकट के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश करता है लेकिन हकीकत ये है कि ये देश खुद अपने पापों से बर्बाद होगा। पाकिस्तान का लगभग 500 अरब का नीलम-झेलम हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट कम से कम मार्च 2028 तक के लिए बंद हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का अंडरग्राउंड टनल सिस्टम टूटने के कारण यह प्रोजेक्ट लगभग चार साल तक बंद रहेगा। पाकिस्तान ये प्रोजेक्ट पीओके में बना रहा है और इसको लेकर काफी विवाद रहे हैं।
इस वजह से उन ग्राहकों पर बोझ पड़ रहा है जिनसे इस प्रोजेक्ट के नाम पर लंबे समय से ज्यादा बिजली बिल वसूला जा रहा था। हैरानी की बात ये है कि पाकिस्तान के अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर नहीं बल्कि जल संसाधन पर सीनेट की स्थायी समिति की बैठक में इसका खुलासा किया था। जहां वाप्डा (Wapda) के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) मुहम्मद सईद ने बताया कि 969-मेगावाट के हाइड्रोपावर प्लांट की मरम्मत का काम चल रहा है। सिंधु जल विवाद के केन्द्र में ये प्रोजेक्ट रहा है और इसे पाकिस्तान ने भारत के किशनगंगा प्रोजेक्ट के जवाब में शुरू किया था।
पाकिस्तान के 'नीलम-झेलम' प्रोजेक्ट फेल!
लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) मुहम्मद सईद ने भरोसा जताया कि प्रोजेक्ट मार्च 2028 तक फिर से चालू हो जाएगा। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा संभव नहीं हो पाया। फिर भी पूर्व सैन्य अधिकारी ने कहा कि निर्माण से पहले की गई जियोलॉजिकल स्टडीज में इस इलाके को भूकंप-संवेदनशील ज़ोन के तौर पर पहचाना गया था जबकि टनल के फेल होने की जांच अभी भी जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक गलत सर्वे और गलत इंजीनियरिंग की वजह पहाड़ का एक बड़ा टुकड़ा इसके टनल पर गिर गया जिससे काफी नुकसान पहुंचा है।
शुक्रवार को पाकिस्तान के सीनेटर्स ने देश के सबसे महंगे पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक के फेल होने के पीछे संभावित लापरवाही की जांच की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह नुकसान सिर्फ जियोलॉजिकल स्थितियों की वजह से हुआ या इसमें डिज़ाइन, निर्माण या ऑपरेशन से जुड़ी कमियों की भी भूमिका थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी लापरवाही की पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
फेल होने के कगार पर 5 अरब डॉलर का प्रोजेक्ट
आपको बता दें कि इस प्रोजेक्ट को जुलाई 2007 में पाकिस्तान सरकार ने मंजूरी दी थी और अगस्त 2018 में इसका काम शुरू हुआ था। उस समय के हिसाब से ये प्रोजेक्ट करीब 500 अरब का है। 2024 में चट्टान टूटने से इसकी हेडरेस टनल को भारी नुकसान पहुंचा था और उसके बाद से ये प्रोजेक्ट बंज पड़ा है। इससे नेशनल ग्रिड को सस्ती पनबिजली नहीं मिल पा रही है और महंगी थर्मल बिजली पर निर्भरता बढ़ गई है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 August 2026
अमेरिकी सीनेट ने रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़े एक बिल को पारित कर दिया है. इसमें रूस से तेल और गैस ख़रीदने वाले देशों पर कड़े टैरिफ़ लगाने का…
 06 August 2026
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इसराइल अमेरिका का एक अच्छा पार्टनर और सहयोगी देश है, लेकिन दोस्तों के बीच मतभेद भी रह सकते हैं.फ़ॉक्स न्यूज़ को…
 04 August 2026
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति एक बार फिर कानूनी विवाद में फंस गई है. अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अदालत…
 04 August 2026
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में कोहराम मचा है। पाकिस्तान सरकार चुनाव करवाने की नौटंकी जरूर कर रही है, लेकिन हकीकत ये है कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर के…
 03 August 2026
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ़िलहाल ईरान पर अपने संभावित हमले को रोकने का एलान किया है.वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में दावा किया गया है इससे पहले उन्होंने सऊदी…
 02 August 2026
अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच दुनिया के लिए राहत की खबर सामने आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि मध्य…
 01 August 2026
डोनाल्ड ट्रंप की नए सिरे से हमलों की धमकी पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने कहा है कि उसकी जमीन को अमेरिका या इजरायल ने निशाना बनाया…
 31 July 2026
मोरक्को से स्पेन के उत्तरी अफ़्रीकी एन्क्लेव स्यूटा में पिछले एक हफ़्ते में हज़ारों प्रवासी पहुँचे हैं. यह बात उस क्षेत्र के एक नेता ने कही है.जुआन जीसस विवाज़ ने…
 26 July 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर पिछले 13 दिनों से लगातार जारी हमलों पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है. लगभग दो हफ्तों से हर रोज हो रहे हमलों का…
Advt.